नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में संतों का ऐलान, अयोध्या–काशी–मथुरा को मिले विशेष धार्मिक दर्जा
वाराणसी। काशी के पवित्र मठों और मंदिरों को नगर निगम द्वारा टैक्स जमा करने अथवा कुर्की की चेतावनी वाले नोटिस भेजे जाने से साधु–संतों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। इस मुद्दे को लेकर वैष्णव संप्रदाय के सर्वोच्च धर्माध्यक्ष जगद्गुरु बलकदेवाचार्य महाराज के नेतृत्व में पातालपुरी मठ में संतों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में साधु–संत शामिल हुए।
बैठक में संत समाज ने एक स्वर में मांग की कि अयोध्या, मथुरा और काशी को विशेष धार्मिक दर्जा दिया जाए तथा इन तीर्थ नगरीयों के सभी मठों और मंदिरों को हर प्रकार के कर से पूर्णतः मुक्त किया जाए। संतों ने कुर्की की चेतावनी देने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की भी मांग उठाई।
जगद्गुरु बलकदेवाचार्य महाराज ने कहा कि यदि सरकार सनातन धर्म की रक्षा और संवर्धन के लिए ठोस कदम नहीं उठा सकती, तो कम से कम मंदिरों की नगरी में स्थित मठों और मंदिरों पर टैक्स थोपने की नीति पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मठ और मंदिर बिना किसी सरकारी सहायता के वैदिक संस्कृति, धर्म और कर्मकांड की परंपरा को जीवित रखे हुए हैं और समाज को शांति, अनुशासन एवं नैतिक मूल्यों का संदेश देते हैं।
संतों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि धार्मिक संस्थानों पर आर्थिक बोझ डालना सनातन परंपरा का अपमान है। यदि टैक्स नोटिस वापस नहीं लिए गए तो संत समाज आंदोलन के लिए बाध्य होगा।




