आशा ट्रस्ट में आयोजित संवाद कार्यक्रम में कलाकार उपेन्द्र विनायक सहस्रबुद्धे ने रखे विचार
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। चौबेपुर क्षेत्र के भंदहा कला स्थित सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट में नुक्कड़ नाटक के महत्व और सामाजिक प्रभाव पर आधारित संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ लेखक, विचारक एवं रंगमंच कलाकार डॉ. उपेन्द्र विनायक सहस्रबुद्धे ने नुक्कड़ नाटक को सामाजिक सम्प्रेषण का सशक्त माध्यम बताया।
डॉ. सहस्रबुद्धे ने कहा कि नुक्कड़ नाटक आम जनता के बीच बिना किसी भव्य मंच, वेशभूषा या तकनीकी संसाधनों के सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम है। यह नारी शिक्षा, भ्रष्टाचार, नशाखोरी, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर तात्कालिक प्रभाव डालता है। सहज भाषा, जीवंत अभिनय और दर्शकों से सीधे संवाद के कारण यह कम समय में बड़ा संदेश देने में सक्षम होता है।
यह संवाद कार्यक्रम आशा ट्रस्ट द्वारा संचालित आशा लाइब्रेरी की छात्राओं के लिए आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने डॉ. सहस्रबुद्धे से विभिन्न सामाजिक और रंगमंच से जुड़े प्रश्न पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान पाया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि नुक्कड़ नाटक केवल अभिनय नहीं है, बल्कि यह जनता की मूल समस्याओं को सामने लाने और समाज में चेतना जगाने का सशक्त सामाजिक संचार माध्यम है।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने इस तरह के संवाद आयोजनों को प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता पर बल दिया।




