रामनगर में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण में अनियमितता मिलने पर दो ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
वाराणसी। रामनगर क्षेत्र में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य में कथित रूप से घटिया सामग्री के इस्तेमाल और निर्माण गुणवत्ता में भारी लापरवाही सामने आने के बाद डूडा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। मामले में दो ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। कार्रवाई के बाद निर्माण एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित एवं मलिन बस्ती विकास योजना के अंतर्गत कराए जा रहे विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत मिलने पर जांच की गई। जांच में निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई। आरोप है कि ठेकेदारों ने निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए निम्न स्तरीय सामग्री का प्रयोग किया और कार्य में गंभीर लापरवाही बरती।
डूडा निर्माण खंड-3 के अधिकारी अमर चंद गुप्ता द्वारा दी गई तहरीर में बताया गया कि रामनगर के रामपुर क्षेत्र में पारस नाथ गुप्ता आवास से कमल कुमार वर्मा के आवास तक इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण का कार्य ई-निविदा प्रक्रिया के तहत कानपुर की एक फर्म को सौंपा गया था। निर्माण कार्य की समय सीमा 17 फरवरी 2026 निर्धारित थी, लेकिन समय पर कार्य पूर्ण नहीं किया गया।
निर्माण कार्य की जांच के दौरान सड़क निर्माण में उपयोग की गई सामग्री मानक के अनुरूप नहीं मिली। साथ ही कार्य की गुणवत्ता भी अत्यंत खराब पाई गई। विभागीय अधिकारियों ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए कार्रवाई शुरू कर दी।
डूडा की तहरीर पर रामनगर पुलिस ने संबंधित फर्म के प्रोपराइटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एक सब-इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। वहीं कार्रवाई की प्रतिलिपि जिलाधिकारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल को भी भेजी गई है, ताकि आगे की प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता से समझौता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनी रहे।




