100 दिवसीय सिलाई एवं ब्यूटीशियन कोर्स का समापन, आत्मनिर्भरता और रोजगार के नए अवसरों का मिला संदेश
(रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय)
चौबेपुर (वाराणसी)। महिलाओं और किशोरियों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्यरत आशा ट्रस्ट द्वारा संचालित 100 दिवसीय सिलाई एवं ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 34 प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह की मुख्य अतिथि शांति निकेतन विद्यालय, रामपुर (गाजीपुर) की प्रधानाचार्या आरती सिंह ने प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र वितरित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में महिलाओं का आत्मनिर्भर होना समाज और परिवार दोनों के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से महिलाएं न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं, बल्कि समाज में अपनी अलग पहचान भी बना सकती हैं।
आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का मजबूत आधार है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सिलाई एवं ब्यूटीशियन कार्यों के साथ-साथ स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और महिला अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं।
प्रशिक्षु अंजली राजभर, कंचन यादव, आँचल, रिया, दीपा, काजल और कविता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है तथा भविष्य में स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए हैं।
कार्यक्रम का संचालन स्नेहा सोनकर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रिया यादव ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर रूबी पांडेय, रंजना पांडेय, श्वेता सिंह, साधना पाण्डेय, प्रदीप सिंह, सौरभ चन्द्र, दीनदयाल सिंह, तरुण सिंह, सनी एवं कल्पना निषाद सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। “कौशल विकास ही महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव है।”




