हवन-पूजन में श्रद्धालुओं ने दी आहुतियां, संतों ने मानवता, सद्भाव और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7NEWS, चौबेपुर (वाराणसी)। धौरहरा के समीप हरिहरपुर गांव में आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। यज्ञाचार्यों के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन, पूजन एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न कराए गए। पूरे यज्ञ परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने आहुति अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, समाज के कल्याण तथा विश्व शांति की कामना की।
महायज्ञ के दौरान संत-महात्माओं ने अपने प्रेरणादायी प्रवचनों में मानवता, प्रेम, सद्भाव, शालीनता और भारतीय संस्कृति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गाय, गंगा, गीता, गायत्री और गोविंद भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण और प्रचार-प्रसार प्रत्येक नागरिक का दायित्व है तथा इनके संदेश को पूरे विश्व तक पहुंचाया जाना चाहिए।
महायज्ञ में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज़ क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। आयोजन स्थल पर पूरे दिन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।




