शोध-पत्र लेखन एवं क्रियान्वयन पर विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव, शिक्षकों के कौशल विकास पर जोर
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी, 10 अगस्त: आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय, डोमरी, रामनगर में सोमवार को 6 दिवसीय टीचर्स ओरिएंटेशन प्रोग्राम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “शोध-पत्र विकास एवं इम्प्लीमेंटेशन” रहा, जिसमें शिक्षकों को शोध कार्य की बारीकियों से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, कमच्छा स्थित शिक्षा संकाय की प्रो. मीनाक्षी सिंह रहीं। उन्होंने शोध-पत्र लेखन की प्रक्रिया, उसके विभिन्न प्रकारों तथा प्रभावी क्रियान्वयन के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए सुव्यवस्थित अध्ययन, सही विषय का चयन और प्रभावी प्रस्तुतीकरण अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, उन्होंने प्रोजेक्ट आधारित शोध कार्यों के महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस प्रकार के ओरिएंटेशन कार्यक्रम शिक्षकों के शैक्षणिक एवं शोध कौशल को निखारने में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों को शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने मुख्य वक्ता प्रो. मीनाक्षी सिंह को अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन एवं स्वागत भाषण डॉ. लक्ष्मी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अरुण कुमार दुबे द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।अगर आप चाहें तो मैं इसे और अधिक संक्षिप्त, अधिक औपचारिक या डिजिटल न्यूज़ पोर्टल स्टाइल में भी ढाल सकता हूँ।




