215 करोड़ की परियोजना से बदलेगा क्षेत्र का स्वरूप, 650 मीटर लंबी आधुनिक सड़क से यातायात होगा सुगम
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी: दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत रविवार को सड़क निर्माण कार्य का औपचारिक शुभारंभ कर दिया गया। विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने भूमि पूजन कर परियोजना की शुरुआत की और प्रतीकात्मक रूप से फावड़ा चलाकर निर्माण कार्य का उद्घाटन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक एवं व्यापारी उपस्थित रहे।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला अगस्त 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना की कुल लागत लगभग 215 करोड़ रुपये है, जिसमें से करीब 25 करोड़ रुपये सड़क निर्माण पर व्यय किए जाएंगे।
परियोजना के तहत 650 मीटर लंबी और 17.5 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा। सड़क के दोनों ओर पैदल पथ (पाथवे) बनाए जाएंगे तथा सीवर लाइन, जल निकासी, पेयजल कनेक्शन और वाई-फाई जैसी सुविधाओं को भूमिगत किया जाएगा, जिससे भविष्य में बार-बार खुदाई की समस्या से राहत मिलेगी।
निर्माण कार्य को नवंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। परियोजना के पूर्ण होने पर दालमंडी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में सुधार और लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है।
चौड़ीकरण के लिए अब तक 181 मकानों एवं 6 धार्मिक स्थलों का ध्वस्तीकरण किया जा चुका है। प्रभावित लोगों को लगभग 110 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। ध्वस्तीकरण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब निर्माण कार्य का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
स्थानीय व्यापारियों में परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। उनका मानना है कि सड़क चौड़ी होने से यातायात सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
इस अवसर पर डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि दालमंडी मार्ग वाराणसी के व्यापार के लिए जीवनरेखा साबित होगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सांसद बनने के बाद काशी में आध्यात्म, व्यापार, स्वास्थ्य एवं आधारभूत ढांचे से जुड़े कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में विकास कार्यों को निरंतर गति मिल रही है और वाराणसी में लगभग 85 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद व्यापार में तेजी आई, लेकिन दालमंडी की संकरी गलियों के कारण विस्तार संभव नहीं हो पा रहा था। अब चौड़ीकरण परियोजना के पूर्ण होने के बाद क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।




