70 से अधिक महिलाओं ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग, प्रदर्शन के दौरान बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ी; पुलिस बोली— साक्ष्यों के आधार पर होगी कार्रवाई
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। क्षेत्र के शंकरपुर गांव में नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में आरोपित युवक के समर्थन में शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने चौबेपुर थाने का घेराव कर प्रदर्शन किया। युवक की मां के नेतृत्व में करीब 70 महिलाओं ने सुबह 11 बजे से दोपहर ढाई बजे तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान आरोपित काजू की नानी दुईजा देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ीं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर भेजा, जहां उनका उपचार कराया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं सीवों चुनाडीह निवासी मीना देवी ने आरोप लगाया कि उनका एक महिला से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी रंजिश के चलते उनके पुत्र करन को नाबालिग के अपहरण एवं दुष्कर्म के मामले में झूठा आरोपी बनाया गया है। उनका दावा है कि करन का घटना से कोई संबंध नहीं है और उसे साजिश के तहत मुकदमे में फंसाया गया है।
मीना देवी ने बताया कि नाबालिग के लापता होने के बाद पुलिस ने करन और एक अन्य किशोर को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था, जिसके बाद दोनों को जेल भेज दिया गया। उनका आरोप है कि विवेचना के दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों और तथ्यों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज धारा 164 के बयान सहित अन्य साक्ष्य वास्तविक घटनाक्रम की पुष्टि करते हैं, लेकिन उन्हें जांच में उचित महत्व नहीं दिया गया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक अन्य युवक ने नाबालिग को करीब 20 दिनों तक अपने रिश्तेदारों के यहां रखा था, इसके बावजूद निर्दोष युवकों को आरोपी बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी उपलब्ध साक्ष्यों को विवेचना में शामिल करने तथा वास्तविक दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान कुछ समय तक थाने के बाहर नारेबाजी होती रही। बाद में पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को समझाकर शांत कराया और उन्हें वापस भेज दिया।
प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि मामले की विवेचना एसीपी सारनाथ द्वारा की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर निष्पक्ष एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होगा और दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।




