राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर दिया गया जोर, वक्ताओं ने बताया डॉ. मुखर्जी के विचार आज भी प्रेरणादायी
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। राष्ट्रवादी विचारधारा के प्रखर चिंतक, महान शिक्षाविद् एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर माय भारत, वाराणसी के तत्वावधान में श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों, युवाओं तथा स्थानीय नागरिकों ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि शारदा चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका त्याग, साहस और राष्ट्रभक्ति आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के आयोजक एवं संचालक सृजन चतुर्वेदी ने कहा कि माय भारत का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक सेवा, नेतृत्व विकास तथा जन-जागरूकता अभियानों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन महान विभूतियों के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने और समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करने का सशक्त माध्यम हैं।
कार्यक्रम के सफल संचालन एवं व्यवस्थापन में सौरभ पाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर चंद्रशेखर तिवारी (मून जी), संतोष कनौजिया सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं माय भारत के स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और जनसेवा के संकल्प के साथ किया गया।




