कविता, कहानी, चित्रकला, कठपुतली, पोस्टर व स्लोगन निर्माण का मिला प्रशिक्षण, वक्ताओं ने गांधीवादी विचारों को अपनाने का दिया संदेश
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट द्वारा ग्राम भंदहा कला, कैथी स्थित आशा लाइब्रेरी में आयोजित दो दिवसीय समर कैंप का सोमवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। शिविर में अध्ययन केंद्र की करीब 40 छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समर कैंप के दौरान छात्राओं को कविता लेखन, कहानी लेखन, कठपुतली निर्माण, चित्रकला, पोस्टर एवं स्लोगन निर्माण के साथ-साथ गुलदस्ता तैयार करने जैसी रचनात्मक विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। शिविर का उद्देश्य छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को निखारना तथा उनमें आत्मविश्वास और सृजनात्मक सोच का विकास करना रहा।
समापन अवसर पर आयोजित परिचर्चा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ गांधीवादी चिंतक एवं इतिहासकार डॉ. मोहम्मद आरिफ ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व के अनेक हिस्सों में हिंसा और युद्ध का माहौल है। ऐसे समय में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के सिद्धांत पहले से अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने छात्राओं से शहीद भगत सिंह, महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित महान विभूतियों के जीवन और विचारों का अध्ययन कर उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
संस्था के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपसी सहयोग और सामूहिक सीखने की भावना से व्यक्ति अपने व्यक्तित्व का बेहतर विकास कर सकता है। उन्होंने छात्राओं से अर्जित ज्ञान को अपने जीवन में अपनाकर जिम्मेदार एवं जागरूक नागरिक बनने का संदेश दिया।
समर कैंप के सफल आयोजन में दीनदयाल सिंह, सौरभ चंद्र, प्रदीप सिंह, बृजेश कुमार, मीनाक्षी दुबे, अमित कुमार, मिथिलेश दुबे, डॉ. इंदु पाण्डेय तथा वैभव पाण्डेय सहित अन्य सहयोगियों का उल्लेखनीय योगदान रहा। आयोजन के समापन पर सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं।




