एक लाख रुपये में बेचकर जबरन विवाह कराने की थी साजिश, किशोरी के फोन कॉल से खुला पूरा मामला
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। चौबेपुर थाना क्षेत्र से करीब एक माह पूर्व रहस्यमय ढंग से लापता हुई 17 वर्षीय किशोरी के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। किशोरी ने कानपुर से अपने चाचा को मोबाइल फोन कर आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और जांच को आगे बढ़ाते हुए पूरे गिरोह का खुलासा किया। पुलिस के अनुसार किशोरी का अपहरण कर उसे जबरन विवाह कराने के उद्देश्य से एक लाख रुपये में बेच दिया गया था।
पुलिस के अनुसार 5 जून 2026 को वादी ने चौबेपुर थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसकी 17 वर्षीय भतीजी का अपहरण कर उसे एक लाख रुपये में बेच दिया गया है। तहरीर के आधार पर थाना चौबेपुर में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। इस बीच लापता किशोरी ने किसी तरह कानपुर से अपने चाचा को मोबाइल फोन कर बताया कि उसे बहला-फुसलाकर ले जाया गया है और जबरन शादी कराने की तैयारी चल रही है। सूचना मिलते ही चौबेपुर पुलिस हरकत में आई और तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई तेज कर दी। जांच के दौरान पुलिस को घटना में शामिल कई लोगों की भूमिका सामने आई। शनिवार को थाना चौबेपुर पुलिस ने ग्राम गोपालपुर से तीन आरोपितों शिवचन्दी पुत्र मीताराम, राहुल भारद्वाज पुत्र प्रभु तथा मैना देवी पत्नी
शिवचन्दी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर बुलंदशहर निवासी मोहित पुत्र देवपाल तथा मथुरा निवासी नेम सिंह पुत्र चौथा सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार मोहित और नेम सिंह ने किशोरी को खरीदकर जबरन विवाह कराने की साजिश रची थी। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपितों से पूछताछ की जा रही है तथा मामले में अन्य तथ्यों की भी जांच जारी है। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद सभी आरोपितों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देश तथा पुलिस उपायुक्त वरुणा जोन एवं अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने की। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक महेश मिश्रा, उपनिरीक्षक अपराध विजय सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल रामपाल यादव, कांस्टेबल अभिषेक सिंह, कांस्टेबल सिद्धि तथा महिला कांस्टेबल अनीता शामिल रहीं।




