उदय प्रताप कॉलेज में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम बना युवाओं की पहली पसंद, बिना प्रवेश परीक्षा के मिल रहा दाखिला
रिपोर्ट : विवेक राय
वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी का रक्षा एवं सामरिक अध्ययन (सैन्य विज्ञान) विभाग आज युवाओं के लिए करियर निर्माण का एक सशक्त मंच बनकर उभर रहा है। विभागाध्यक्ष डॉ. अग्निप्रकाश ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बढ़ते महत्व के कारण इस विषय की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि विद्यार्थियों के बीच इस विषय के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षा एवं सामरिक अध्ययन केवल सैन्य सेवाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, रणनीतिक सोच, निर्णय लेने की दक्षता तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विषयों की गहन समझ विकसित करता है। यही गुण उन्हें विभिन्न प्रतिस्पर्धी और पेशेवर क्षेत्रों में सफल बनने के लिए तैयार करते हैं।
डॉ. अग्निप्रकाश ने बताया कि इस विषय के माध्यम से भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस सेवाएं, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां, आपदा प्रबंधन, रक्षा विश्लेषण, शोध एवं शिक्षण के साथ-साथ यूपीएससी, राज्य लोक सेवा आयोग, यूजीसी-नेट, जेआरएफ और पीएचडी जैसे उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट करियर की संभावनाएं उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि उदय प्रताप कॉलेज में पिछले शैक्षणिक सत्र से रक्षा एवं सामरिक अध्ययन विषय में स्नातकोत्तर (एम.ए.) कक्षाओं का सफल संचालन किया जा रहा है। प्रथम सत्र से ही विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रवेश लेकर इस विषय के प्रति अपनी बढ़ती रुचि का परिचय दिया है। विशेष बात यह है कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों में वर्तमान समय में केवल उदय प्रताप कॉलेज, वाराणसी में ही इस विषय की स्नातकोत्तर कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, जो संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए एम.ए. में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। विभागाध्यक्ष ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए किसी प्रकार की प्रवेश परीक्षा नहीं देनी होती। विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित पात्रता के आधार पर अभ्यर्थियों को सीधे प्रवेश प्रदान किया जाता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि यदि उनकी रुचि राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा अध्ययन, सामरिक नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों जैसे विषयों में है तथा वे एक सम्मानजनक और भविष्य उन्मुख करियर बनाना चाहते हैं, तो रक्षा एवं सामरिक अध्ययन (सैन्य विज्ञान) उनके लिए एक उत्कृष्ट और संभावनाओं से भरपूर विकल्प साबित हो सकता है।




