आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय में पंचम सेमेस्टर की छात्राओं ने किया पौधारोपण, गंगा तट पर लगाए गए पौधों का भी किया निरीक्षण
रिपोर्ट : विवेक राय
वाराणसी। आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय, डोमरी, रामनगर में शनिवार को नए शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ किया गया। सत्र के प्रथम दिन पंचम सेमेस्टर की छात्राओं ने भारत सरकार के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित किए। इस दौरान छात्राओं ने मातृत्व के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधों की नियमित देखभाल का भी संकल्प लिया।
महाविद्यालय की निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय ने कहा कि प्रकृति और मातृत्व दोनों ही जीवन के आधार हैं। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी से अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम नरेश शर्मा ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण जैसे पुण्य कार्य से होना अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने छात्राओं से केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की, ताकि यह अभियान समाज में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन का आधार बन सके।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक पौधारोपण करते हुए हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण का संकल्प लिया। महाविद्यालय परिवार ने भी भविष्य में पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
इस अवसर पर महाविद्यालय की सी.एम.ओ. अपूर्वा पाण्डेय, डॉ. सूर्य प्रकाश वर्मा, डॉ. अरुण कुमार दुबे, डॉ. प्रतिमा राय, दीपक कुमार गुप्ता, डॉ. लक्ष्मी, सीमा दुबे, अनामिका तिवारी, वैशाली पाण्डेय, अंजली विश्वकर्मा, सोफ़िया खानम तथा अल्पा तिवारी सहित महाविद्यालय की छात्राएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर निदेशक प्रो. कल्पलता पाण्डेय के नेतृत्व में छात्राएं, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं डोमरी स्थित गंगा तट पहुंचे, जहां मार्च 2026 में वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत लगाए गए पौधों का निरीक्षण किया गया। अपने हाथों से लगाए गए पौधों को हरा-भरा और विकसित होता देखकर सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे। महाविद्यालय परिवार ने पौधों के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।




