तीन जिलों के 28 विद्यालयों के 38 छात्र-छात्राओं ने लिया भाग, आईआईटी और बीएचयू के शोधार्थियों ने दिया प्रशिक्षण
रिपोर्ट : विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
SHREE 7 NEWS, चौबेपुर (वाराणसी)। सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट एवं बोधायन के संयुक्त तत्वावधान में भंदहाँ कला स्थित प्रशिक्षण केंद्र पर आयोजित तीन दिवसीय विज्ञान कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना तथा उन्हें विज्ञान के व्यावहारिक प्रयोगों से जोड़कर भविष्य के वैज्ञानिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यशाला में वाराणसी सहित तीन जिलों के 28 विद्यालयों के कुल 38 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। इसमें कक्षा सात से लेकर स्नातक स्तर तक के विद्यार्थी शामिल रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने रिवॉल्विंग गेट (घूर्णन द्वार) के सिद्धांत पर आधारित प्रयोग के माध्यम से विद्युत उत्पादन का सफल प्रदर्शन किया। इस प्रयोग से बच्चों ने ऊर्जा संरक्षण तथा नवीकरणीय ऊर्जा के व्यावहारिक महत्व को समझा।
कार्यशाला में आईआईटी बॉम्बे एवं काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के शोधार्थियों ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक प्रयोगों का प्रशिक्षण दिया। वहीं ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (इंग्लैंड) में कार्यरत वैज्ञानिक एवं बोधायन के संयोजक डॉ. पीयूष श्रीवास्तव ने ऑनलाइन माध्यम से कार्यशाला का मार्गदर्शन किया।
प्रशिक्षण सत्र में आईआईटी बॉम्बे के शोधकर्ता दिव्यदीप हरबोला के नेतृत्व में अवनीश पाण्डेय, वैभव श्रीवास्तव एवं अजीत कुमार राय ने प्रशिक्षक के रूप में बच्चों को विज्ञान के विभिन्न प्रयोगों की बारीकियों से अवगत कराया। बोधायन टीम पिछले एक वर्ष से आशा ट्रस्ट के सहयोग से ग्रामीण विद्यार्थियों के बीच प्रयोगात्मक विज्ञान के प्रसार का कार्य कर रही है। यह इस श्रृंखला का तीसरा विज्ञान प्रशिक्षण कार्यक्रम रहा।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि डायट वाराणसी के वरिष्ठ प्रवक्ता गोविन्द चौबे ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। विज्ञान आधारित शिक्षा ही नवाचार और शोध की मजबूत नींव तैयार करती है तथा किशोरों की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. शशि भूषण सिंह ने ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की विज्ञान कार्यशालाओं की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में सौरभ चन्द्र, दीन दयाल सिंह, प्रदीप सिंह, सनी, शिवानी मौर्या, अमित एवं बी.एल. सर सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




