तहसील पिंडरा में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सुनी जनसमस्याएं, भूमि विवादों के त्वरित समाधान के लिए राजस्व-पुलिस की संयुक्त टीम को दिए निर्देश
वाराणसी। तहसील पिंडरा में शनिवार को जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 117 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 12 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देशों के साथ भेजा गया।
समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनशिकायतों का निस्तारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व और पुलिस विभाग प्राथमिक स्तर पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें, ताकि आम नागरिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
समाधान दिवस में कई भूमि विवाद और अतिक्रमण से जुड़े मामले भी सामने आए। फूलपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर निवासी मालती ने आरोप लगाया कि उनका पैतृक आबादी भूमि से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद विपक्षी जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय दिलाने की मांग की।
वहीं, पिंडरा निवासी गुफरान खान ने एक दोपहिया वाहन एजेंसी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि नई स्कूटी बार-बार खराब होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वाहन एजेंसी ने सर्विस के नाम पर अतिरिक्त धनराशि वसूली, वाहन अपने पास रोक लिया तथा चार माह बीतने के बाद भी वाहन का आरसी उपलब्ध नहीं कराया, जबकि सभी किस्तें समय पर जमा की जा चुकी हैं।
इसी क्रम में अशीर अहमद ने ग्राम दादूपुर स्थित ग्राम सभा की चकमार्ग भूमि पर कथित अतिक्रमण की शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने टीनशेड, पेड़ और ईंट लगाकर सार्वजनिक रास्ते पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने प्रशासन से अतिक्रमण हटाने और मार्ग को मुक्त कराने की मांग की।
समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, चिकित्सा, कृषि, खाद एवं रसद, पंचायतीराज, विद्युत, सिंचाई तथा लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने भूमि विवादों के मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जांच कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायसंगत समाधान करना है।
इस अवसर पर डीसीपी नीतू कादयान, उपजिलाधिकारी पिंडरा कुंदन राज, तहसीलदार नेहा रंगवसी, नायब तहसीलदार राधेश्याम यादव, खंड विकास अधिकारी पिंडरा, बड़ागांव एवं हरहुआ सहित राजस्व, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





