नमामि गंगे के अभियान में शिवभक्तों ने किया गंगा स्वच्छता का संकल्प, सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार का दिया संदेश
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। भगवान शिव के प्रिय सावन मास के प्रथम दिन शिवनगरी काशी में आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा तट पर आयोजित कार्यक्रम में शिवभक्तों ने मां गंगा की आरती उतारकर स्वच्छता एवं जल संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान पूरा गंगा तट “गंगा जल संरक्षण” और “स्वच्छ गंगा-निर्मल गंगा” के नारों से गूंज उठा।
सावन के पहले दिन गंगाजल लेकर बाबा भोलेनाथ का अभिषेक करने पहुंचे कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं को नमामि गंगे के कार्यकर्ताओं ने जल संरक्षण एवं गंगा स्वच्छता का संदेश दिया। कार्यक्रम में सभी को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने तथा गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने की शपथ दिलाई गई।
नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और जीवन का आधार भी है। उन्होंने कहा कि सावन और कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि जल संरक्षण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भी संदेश देती है।
उन्होंने बताया कि जीवनदायिनी नदियों के जल से भगवान शिव का अभिषेक करने का वास्तविक अर्थ प्रकृति और जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लेना है। यदि हम जल बचाने, नदियों को स्वच्छ रखने, खेतों, पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और पर्यावरण के लिए जल का संरक्षण करेंगे, तभी सावन पर्व की सार्थकता सिद्ध होगी और भगवान शिव की सच्ची आराधना होगी।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजेश शुक्ला, नवीन गुप्ता, नरेंद्र बघेल, रामकृष्ण सूर्यवंशी, प्रिंस शाही, चंद्रभूषण मिश्रा, महेंद्र, निखिल, विकास सिंह, हरिओम बाबा सहित बड़ी संख्या में कांवड़ियों एवं गंगा सेवियों ने सहभागिता करते हुए गंगा स्वच्छता और जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।




