गंगा-गोमती संगम में स्नान कर श्रद्धालुओं ने किया बाबा मार्कण्डेय महादेव का जलाभिषेक, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
कैथी/चौबेपुर (वाराणसी)। श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर कैथी स्थित प्राचीन मार्कण्डेय महादेव धाम में आस्था और शिवभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। रविवार देर शाम से ही श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था। आधी रात के बाद मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा धाम “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गूंज उठा।
देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों ने गंगा-गोमती संगम में आस्था की डुबकी लगाकर भगवान मार्कण्डेय महादेव का विधि-विधान से जलाभिषेक एवं पूजन-अर्चन किया। दर्शन के उपरांत श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं खुशहाली की कामना की।
पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ियों ने संगम से पवित्र गंगाजल भरकर परंपरा के अनुसार भगवान त्रिलोचन महादेव के जलाभिषेक के लिए प्रस्थान किया। कंधों पर सजी आकर्षक कांवड़, हाथों में भगवा ध्वज और “बम-बम भोले” के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में सराबोर हो गया।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मंदिर परिसर, संगम घाट, पार्किंग स्थल तथा प्रमुख मार्गों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई। बैरिकेडिंग, सुचारु यातायात प्रबंधन एवं दर्शन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया, जबकि स्वयंसेवकों ने भी श्रद्धालुओं को व्यवस्थित रूप से दर्शन एवं जलाभिषेक कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रावण के प्रथम सोमवार पर मार्कण्डेय महादेव धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की अपार भीड़ ने एक बार फिर काशी की धार्मिक आस्था और शिवभक्ति की गौरवशाली परंपरा को जीवंत कर दिया।




