2009 से 2018 तक क्रिकेट में दिखाया दमखम, 2021 में प्रधान बने; अनौरा को खेल और विकास की नई पहचान दिलाने का संकल्प
रिपोर्ट: विवेक राय
हरहुआ (वाराणसी)। खेल का मैदान हो या गांव के विकास की जिम्मेदारी, संघर्ष और अनुशासन ही सफलता की पहली सीढ़ी है। इसी सोच के साथ हरहुआ ब्लॉक की अनौरा ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान दीपक चौहान क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनाने के बाद अब गांव के विकास के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि खिलाड़ी कभी अन्याय और पक्षपात के सामने झुकता नहीं, बल्कि लक्ष्य हासिल करने के लिए अंतिम क्षण तक संघर्ष करता है।
दीपक चौहान ने वर्ष 2009 से 2018 तक क्रिकेट के क्षेत्र में सक्रिय रहकर विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने विवेक एकेडमी के मैदान से क्रिकेट का अभ्यास शुरू किया और आगे चलकर देश के विभिन्न स्तरों के टूर्नामेंटों में अपनी गेंदबाजी का प्रभाव छोड़ा।
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन की प्रतिष्ठित मुंबई कांगा लीग में उन्होंने कांदीवली क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ प्रभावी गेंदबाजी करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अनुभवी प्रशिक्षकों से क्रिकेट की बारीकियां सीखीं।
दीपक चौहान ने विवेक स्टेडियम शिवपुर के कोच सैफी अहमद, गौरीशंकर सिंह और सीमांत सिंह के साथ-साथ मुंबई के कोच राजेंद्र अंबिरे तथा बॉलिंग कोच आशीष विस्टन जैदी से इन-स्विंग, आउट-स्विंग, रिवर्स स्विंग और गेंद की ग्रिप जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण लिया। लगातार अभ्यास और मेहनत के बल पर उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर अपनी टीम और एकेडमी का नाम रोशन किया।
क्रिकेट के क्षेत्र में पहचान बनाने के बाद मां के निधन से जीवन में आए बदलाव के बीच दीपक चौहान गांव लौटे। ग्रामीणों के समर्थन और आशीर्वाद से उन्होंने वर्ष 2021 में ग्राम प्रधान का चुनाव जीता। इसके बाद से वह गांव की मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर सक्रिय हैं।
दीपक चौहान का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य समाजसेवा के साथ गांव का सर्वांगीण विकास करना है। वह असहाय, गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने को प्राथमिकता देना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि गांव के युवाओं को खेलों से जोड़कर उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका लक्ष्य अनौरा ग्राम पंचायत को खेल प्रतिभाओं की नर्सरी के रूप में विकसित करना है। उन्होंने बताया कि गांव की दो चौहान बेटियां राष्ट्रीय स्तर तक खेल के क्षेत्र में गांव का नाम रोशन कर चुकी हैं।
ग्राम प्रधान दीपक चौहान ने कहा कि वह खेल के मैदान की तरह गांव के विकास के क्षेत्र में भी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने ब्लॉक स्तर पर कथित भ्रष्टाचार और गांव में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को लेकर संघर्ष जारी रखने की बात कही।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या बाधा को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका सपना है कि वरुणा नदी के किनारे बसा अनौरा गांव एक आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में विकसित हो और अन्य गांवों के लिए उदाहरण बने।




