व्यापारियों ने पीडब्ल्यूडी और राजस्व अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन, समान मुआवजा, भूमिगत बिजली लाइन और सीवर-पाइपलाइन शिफ्ट करने की उठाई मांग
रिपोर्ट विवेक राय
चोलापुर (वाराणसी)। गोला से कटारी ब्लॉक तक प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले व्यापारियों, भवन स्वामियों और स्थानीय लोगों की समस्याओं पर चर्चा की गई। इसके बाद व्यापारियों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले जनहित से जुड़ी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने की मांग की।
व्यापारियों ने कहा कि क्षेत्र के विकास और सड़क चौड़ीकरण की आवश्यकता से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन परियोजना तैयार करते समय स्थानीय व्यापारियों और आमजन के हितों का ध्यान रखा जाना जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों की सुविधाओं को सड़क निर्माण से पहले व्यवस्थित तरीके से स्थानांतरित करने की मांग की, ताकि निर्माण के दौरान लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।
ज्ञापन में चोलापुर और धौरहरा क्षेत्र में मौजूद सीवर व्यवस्था तथा जल निगम की पाइपलाइन को सड़क निर्माण से पहले उचित तरीके से शिफ्ट करने की मांग की गई। व्यापारियों ने कहा कि बिना समुचित योजना के पाइपलाइन और सीवर लाइन हटाने से भविष्य में पेयजल आपूर्ति और जल निकासी की समस्या पैदा हो सकती है।
इसके साथ ही सड़क के किनारे प्रस्तावित अथवा मौजूद ग्रीन बेल्ट को हटाकर वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप सड़क की योजना तैयार करने की मांग की गई। व्यापारियों का कहना है कि सड़क की चौड़ाई और आसपास की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ऐसी व्यवस्था हो, जिससे यातायात सुचारु रहे और स्थानीय कारोबार भी प्रभावित न हो।
व्यापारियों ने सड़क निर्माण के साथ बिजली के तारों को भूमिगत करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि इससे सड़क का सुंदरीकरण होने के साथ बिजली व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकेगी।
सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित भूमि और निर्माण के मुआवजे को लेकर व्यापारियों ने समान नीति लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क के लिए ली जाने वाली भूमि पर मौजूद निर्माण और निजी भूमि पर किए गए निर्माण के संबंध में मुआवजे का निर्धारण स्पष्ट एवं समान आधार पर होना चाहिए।
व्यापारियों ने मांग की कि मुआवजा निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी हो और किसी भी प्रभावित व्यक्ति के साथ भेदभाव न किया जाए।
राजस्व विभाग से भी सड़क निर्माण से पहले मौके पर सही पैमाइश कराने और भूमि की सीमाओं का स्पष्ट निर्धारण करने की मांग की गई। व्यापारियों के मुताबिक कई स्थानों पर भूमि की स्थिति और सीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ऐसे में निर्माण से पहले राजस्व अधिकारियों द्वारा मौके पर भूमि का निर्धारण किए जाने से भविष्य में विवाद की आशंका कम होगी।
व्यापारियों ने फोरलेन सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण लंबे समय को ध्यान में रखकर किया जाना है, इसलिए निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
मार्ग के बेहतर विकास और सुंदरीकरण के लिए पांडेयपुर-आजमगढ़ मार्ग पर रिंग रोड से पांडेयपुर तक किए गए विकास कार्यों की तर्ज पर इस मार्ग को विकसित करने का सुझाव भी दिया गया।
व्यापारियों ने कहा कि फोरलेन बनने से क्षेत्र में आवागमन और विकास को गति मिलेगी, लेकिन इसके साथ स्थानीय बाजारों और व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है। उन्होंने निर्माण शुरू होने से पहले सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की, ताकि निर्माण कार्य के दौरान आमजन और व्यापारियों को कम से कम परेशानी हो।
बैठक में अनिल सेठ, उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, अखिलेश जायसवाल, भाजयुमो अध्यक्ष चोलापुर, भरत जायसवाल, अध्यक्ष व्यापार मंडल चोलापुर, सुभाष चंद्र गुप्ता, मयंक जायसवाल, मनीष गुप्ता, अशोक गुप्ता, अशोक जायसवाल, अरविंद कुमार जायसवाल, राजेश सिंह, लालजी जायसवाल, सतीश सिंह, अलाउद्दीन, दुर्गा प्रसाद जायसवाल और पुनवासी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।




