प्लास्टिक के तिरंगे पर रोक और राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर सख्त कार्रवाई की मांग, अधिवक्ताओं व हिंदू जन जागृति समिति ने उठाई आवाज
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रध्वज के सम्मान और उसकी गरिमा बनाए रखने को लेकर अधिवक्ताओं के समूह एवं हिंदू जन जागृति समिति ने प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग की है। मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी प्रशासन वाराणसी पंकज कुमार, उप जिलाधिकारी पिंडरा कुंदन राज कपूर तथा सहायक पुलिस आयुक्त प्रशांत सिंह को ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रध्वज के अपमान को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 15 अगस्त को देशभर में उत्साह और देशभक्ति के साथ तिरंगा फहराया जाता है, लेकिन पर्व समाप्त होने के बाद कई स्थानों पर राष्ट्रध्वज सड़कों, कूड़ेदानों और नालियों में फटी अवस्था में दिखाई देते हैं। विशेष रूप से प्लास्टिक से बने ध्वज जैविक रूप से विघटित नहीं होते, जिसके कारण लंबे समय तक राष्ट्रध्वज के अपमान की स्थिति बनी रहती है।
ज्ञापन में प्लास्टिक से बने राष्ट्रध्वजों के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने तथा प्रशासन द्वारा संबंधित नियमों और कानूनों का कड़ाई से पालन कराने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राष्ट्रध्वज का इस्तेमाल टी-शर्ट, मास्क और अन्य परिधानों में भी किया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा प्रभावित होती है। ऐसे मामलों में जागरूकता के साथ-साथ नियमानुसार कार्रवाई की आवश्यकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि राष्ट्रध्वज के सम्मान से जुड़े उच्च न्यायालय के आदेशों एवं प्रचलित कानूनों का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए। साथ ही स्वतंत्रता दिवस के बाद सार्वजनिक स्थानों पर पड़े तिरंगों को सम्मानपूर्वक एकत्र करने और उनके उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई गई।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में ज्ञानवापी के मुख्य याचिकाकर्ता डॉ. सोहन लाल आर्य, ज्ञानवापी अधिवक्ता दीपक सिंह, अधिवक्ता संजीवन यादव, अरुण कुमार मौर्य, ज्ञान प्रकाश राय, आनंद कुमार राय, अवनीश कुमार तिवारी, उमेश कुमार सिंह, श्याम शंकर सिंह, संतोष सिंह, अतुल सिंह, बृजेश मिश्रा, सहित संजय सिंह, प्रमोद गुप्ता, त्रिशान्त सिंह, रविंद्र कुमार पटेल प्रधान, आदर्श पटेल और रमेश विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।




