NPS और UPS के विरोध में शिक्षकों-कर्मचारियों ने उठाई आवाज, OPS बहाल करने की मांग
रिपोर्ट: विवेक राय
वाराणसी। अटेवा पेंशन बचाओ मंच, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर वाराणसी में नई पेंशन योजना (NPS) एवं यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के विरोध और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की पुनर्बहाली की मांग को लेकर तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा अंबेडकर पार्क (कचहरी) से जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंची, जहां शिक्षकों और कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
आंदोलन के दौरान आरटीई अधिनियम से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने और शिक्षा के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। तिरंगा यात्रा को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का समर्थन मिला। महासंघ के कार्यकारी जिलाध्यक्ष ज्योति प्रकाश के नेतृत्व में बड़ी संख्या में परिषदीय शिक्षक यात्रा में शामिल हुए।
ज्योति प्रकाश ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना केवल आर्थिक सुरक्षा का विषय नहीं, बल्कि कर्मचारियों और शिक्षकों के सम्मान तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। उन्होंने सरकार से चुनावी वर्ष में पुरानी पेंशन योजना बहाल कर लाखों शिक्षकों एवं कर्मचारियों को बुढ़ापे की सुरक्षा वापस देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना न्यायोचित नहीं है। उनके अनुसार सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय और सरकार के मौन समर्थन से शिक्षकों में असंतोष है। ऐसे शिक्षकों को दोबारा परीक्षा के लिए बाध्य करना उनके सम्मान के विरुद्ध है।
ज्योति प्रकाश ने पेंशन व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि नई पेंशन व्यवस्था वास्तव में बेहतर है तो सांसदों और विधायकों को भी इसी व्यवस्था के दायरे में लाया जाना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अटेवा के जिला संयोजक चंद्र प्रकाश गुप्त ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री रामसेवक यादव ने किया। तिरंगा यात्रा के बाद मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं प्रधानमंत्री के नाम संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी वाराणसी को सौंपा गया।
इस अवसर पर अटेवा जिला संरक्षक रामचंद्र गुप्ता, पूर्व जिला संयोजक विनोद यादव, राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के ब्लॉक महामंत्री वीरेंद्र सिंह, जिला कोषाध्यक्ष गुलाब चंद्र कुशवाहा और जिला कैडर प्रभारी अंजनी कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।





