‘परथेनियम हटाएँ, पर्यावरण बचाएँ’ के नारों से गूंजा नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय परिसर
प्रयागराज। नेहरू ग्राम भारती (मानित विश्वविद्यालय), जमुनीपुर परिसर में वनस्पति विज्ञान विभाग की ओर से 16 से 22 अगस्त तक आयोजित परथेनियम जागरूकता सप्ताह का समापन जागरूकता रैली के साथ हुआ। 22 अगस्त को विद्यार्थियों ने आकर्षक बैनर, पोस्टर और जागरूकता नारों के साथ विश्वविद्यालय परिसर में मार्च निकालकर परथेनियम नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
‘परथेनियम हटाएँ, पर्यावरण बचाएँ’ और ‘परथेनियम मुक्त परिसर-स्वस्थ पर्यावरण’ जैसे नारों के माध्यम से विद्यार्थियों ने लोगों को इस आक्रामक खरपतवार के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। रैली में कैंपस निदेशक, विज्ञान संकाय के शिक्षक, विभिन्न विभागों के शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी शामिल हुए और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया।
जागरूकता मार्च के समापन पर वनस्पति विज्ञान विभाग के उद्यान के समीप विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने परिसर में उगे परथेनियम पौधों को सावधानीपूर्वक हटाकर इसके नियंत्रण का व्यावहारिक संदेश दिया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपने आसपास परथेनियम के प्रसार को रोकने के साथ ही आम लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि परथेनियम एक आक्रामक खरपतवार है, जिसका अनियंत्रित विस्तार स्थानीय वनस्पतियों और जैव-विविधता के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक जानकारी के साथ जन-जागरूकता और सामूहिक सहभागिता बेहद जरूरी है।
अभियान का नेतृत्व नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, प्रयागराज के ग्रीन ऑडिट समन्वयक डॉ. आदि नाथ ने किया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित यह अभियान विद्यार्थियों में पर्यावरणीय चेतना, जैव-विविधता संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।






