विश्व हिंदू महासंघ ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को सौंपे जाने वाले ज्ञापन में भूमि संबंधी विवाद के समाधान की उठाई मांग
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
मथुरा। विश्व हिंदू महासंघ, उत्तर प्रदेश की ओर से श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े भूमि विवाद के समाधान और परिसर को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने की पहल की गई है। संगठन ने ज्ञापन में श्रीकृष्ण जन्मभूमि की भूमि के संबंध में अपने पक्ष को रखते हुए संबंधित अभिलेखों एवं विवादित बंटवारे की समीक्षा की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि विश्व हिंदू महासंघ एक अंतरराष्ट्रीय हिंदू संगठन है और संगठन की उत्तर प्रदेश इकाई द्वारा गोरक्षपीठ के मार्गदर्शन में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रसंत अवेद्यनाथ जी की पुण्यतिथि 12 सितंबर के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित शोभायात्राओं के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के पक्ष में जनसमर्थन जुटाया गया।
ज्ञापन में संगठन ने ऐतिहासिक घटनाओं और उपलब्ध अभिलेखों का हवाला देते हुए दावा किया है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि की भूमि पर पूर्व में हिंदू मंदिर मौजूद था। ज्ञापन में ओरछा के राजा वीर सिंह जू देव बुंदेला द्वारा मंदिर निर्माण तथा बाद में औरंगजेब के शासनकाल में मंदिर विध्वंस किए जाने का उल्लेख किया गया है। संगठन ने इन ऐतिहासिक दावों के आधार पर वर्तमान स्थिति की समीक्षा किए जाने की मांग की है।
संगठन ने 12 अक्टूबर 1968 को मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि की 13.37 एकड़ भूमि से संबंधित कथित बंटवारे पर भी सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में इसे हिंदू समाज की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए संबंधित भूमि अभिलेखों और प्रक्रिया की पुनः समीक्षा किए जाने की मांग की गई है।
विश्व हिंदू महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित भूमि के बंटवारे की वैधानिक समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाए। संगठन ने मांग रखी है कि यदि जांच में बंटवारे में अनियमितता अथवा विधिक त्रुटि सामने आती है तो उसे निरस्त कर भूमि को श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के नाम किए जाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में संगठन ने कहा है कि उसका उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थल पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए मार्ग प्रशस्त करना है। संगठन ने केंद्र एवं राज्य सरकार से इस विषय पर उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों और न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
ज्ञापन में संगठन की प्रमुख मांगें:
• श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित भूमि अभिलेखों की समीक्षा।
• 13.37 एकड़ भूमि से जुड़े बंटवारे की वैधानिक जांच।
• कथित अनियमितताओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई।
• श्रीकृष्ण जन्मभूमि से संबंधित भूमि विवाद का विधिक समाधान।
• संगठन की मांग के अनुसार भूमि को श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के नाम किए जाने पर विचार।






