गंगा टास्क फोर्स ने अरैल घाट और संगम वीआईपी घाट पर सफाई के साथ लोगों को किया जागरूक, जल संरक्षण का दिया संदेश
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
प्रयागराज। विश्व जल निगरानी दिवस एवं विश्व सफाई दिवस के अवसर पर 137 सीईटीएफ बटालियन (टीए) 39 गोरखा राइफल्स, जिसे गंगा टास्क फोर्स के रूप में भी जाना जाता है, की ओर से प्रयागराज के अरैल घाट एवं संगम वीआईपी घाट पर स्वच्छता एवं जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष पटेल ने किया।
अभियान के दौरान गंगा घाटों की साफ-सफाई करने के साथ ही स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं एवं घाट पर मौजूद नागरिकों को गंगा नदी की स्वच्छता, जल संरक्षण तथा जल प्रदूषण की रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया। लोगों से नदी में प्लास्टिक, कचरा एवं अन्य अपशिष्ट नहीं डालने तथा घाटों पर स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई।
स्वच्छता अभियान में राजेश शर्मा, संयोजक नमामि गंगे, गंगा प्रहरी, मां गंगा सेवा समिति, स्थानीय गैर सरकारी संगठनों तथा घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी सहभागिता की। अभियान के दौरान सभी ने मिलकर घाट परिसर में स्वच्छता बनाए रखने और गंगा को प्रदूषण से बचाने का संकल्प लिया।
लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष पटेल ने कहा कि गंगा नदी का संरक्षण केवल किसी एक संस्था या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समुदाय की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी आवश्यक है। उन्होंने लोगों से जल स्रोतों को स्वच्छ रखने तथा कचरे का जिम्मेदारीपूर्वक निस्तारण करने का आह्वान किया।
अभियान के दौरान लोगों को “साफ पानी, साफ गंगा—सुरक्षित भविष्य” का संदेश दिया गया। गंगा टास्क फोर्स के जवानों एवं अभियान में शामिल स्वयंसेवकों ने लोगों को समझाया कि जल प्रदूषण की रोकथाम और स्वच्छता के प्रति जागरूकता से ही नदी के संरक्षण को मजबूत किया जा सकता है।
अभियान का उद्देश्य आमजन में स्वच्छता एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन को प्रोत्साहित करना तथा गंगा नदी को स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त रखने के लिए सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना रहा।





