वीडियो संदेश में बोलीं—डरूंगी नहीं, सवाल करूंगी; बाहुबल नहीं, जनता का साथ चाहिए, मिर्जापुर से राजनीतिक पारी शुरू करने की चर्चाओं ने पकड़ा जोर
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
मिर्जापुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा के बाद अब सक्रिय राजनीति में कदम रखने का संकेत देते हुए अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान किया है। मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में ही रहेंगी और उन लोगों की आवाज बनने के लिए राजनीति में आएंगी, जिनकी बात सरकारी दफ्तरों तक नहीं पहुंच पाती या पहुंचने के बाद भी सुनी नहीं जाती।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह न तो डरेंगी और न ही सवाल करने से पीछे हटेंगी। उन्होंने कहा कि राजनीति में उन्हें बाहुबल की नहीं, बल्कि जनता के साथ और विश्वास की जरूरत है। अपने प्रशासनिक कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए दिव्या मित्तल ने मिर्जापुर के लहुरियादह गांव की घटना का उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में पानी की समस्या के निरीक्षण के दौरान एक महिला ने पेंशन या आवास की मांग करने के बजाय गांव में पांचवीं कक्षा के बाद की पढ़ाई के लिए स्कूल खोलने की मांग की थी। उनके अनुसार नियमों के तहत स्कूल की मंजूरी दिलाई गई, लेकिन तीन वर्ष बाद भी निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कमी धन, नियम, स्वीकृति या इच्छाशक्ति में थी। उन्होंने कहा कि इरादा हो तो पहाड़ भी रास्ता दे देता है, लेकिन इरादा न हो तो एक फाइल ही पहाड़ बन जाती है।
उन्होंने ऐसे अधूरे और लापता विकास कार्यों का हिसाब लेने की बात कही। इसी तरह राजस्व विभाग में विशेष सचिव के कार्यकाल का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने एक भूमिहीन व्यक्ति का जिक्र किया, जिसे सरकारी जमीन का पट्टा तो मिला था, लेकिन जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका था। दिव्या मित्तल ने कहा कि ऐसे ही लोगों की आवाज बनने के उद्देश्य से उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया है।
मिर्जापुर से रहा है पुराना जुड़ाव: दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से प्रशासनिक जुड़ाव रहा है। जिलाधिकारी के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में पानी पहुंचाने और जनसमस्याओं से जुड़े कई मामलों को लेकर उनकी चर्चा हुई थी। अब उनके राजनीतिक ऐलान के बाद मिर्जापुर को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई हैं।
सोशल मीडिया पर समय-समय पर उनके मिर्जापुर से राजनीतिक शुरुआत करने की चर्चाएं सामने आती रही हैं। हालांकि, उनके किसी विशेष विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर भाजपा की नेता अनुप्रिया पटेल के साथ उनकी कथित अनबन को लेकर भी अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या दिव्या मित्तल अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत मिर्जापुर से करेंगी या उत्तर प्रदेश के किसी अन्य क्षेत्र को अपनी सियासी कर्मभूमि बनाएंगी? फिलहाल इतना स्पष्ट है कि पूर्व आईएएस अधिकारी ने प्रशासनिक सेवा के बाद राजनीति की राह चुनने का संकेत दे दिया है और अब उनकी अगली राजनीतिक भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हैं।






