“उत्तम पोषण, उत्तम स्वास्थ्य” योजना को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान
राजातालाब (वाराणसी)। आराजी लाइन ब्लॉक के शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान में पोषण पखवाड़ा की शुरुआत भव्य रूप से की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. गीता राय, आण्विक एवं मानव अनुवांशिकी विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी द्वारा किया गया। इस दौरान संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने सोनभद्र, मिर्जापुर और वाराणसी जिले के विभिन्न प्रखंडों से आईं आशा बहनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छा पोषण ही बेहतर स्वास्थ्य का आधार है। स्वस्थ बच्चे ही आगे चलकर स्वस्थ नागरिक बनते हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्य अतिथि प्रो. गीता राय ने अपने संबोधन में लोगों को कुपोषण मुक्त समाज की दिशा में काम करने का संदेश दिया। उन्होंने सभी को दिन में तीन बार पोषणयुक्त भोजन करने और बीच-बीच में हल्का नाश्ता शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के 270 दिन, शिशु के पहले वर्ष के 365 दिन और दूसरे वर्ष के 365 दिन यानी कुल 1000 दिन पोषण की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान संतुलित आहार, पोषण ट्रैकर ऐप और सामुदायिक पोषण प्रबंधन मॉड्यूल के माध्यम से पोषण को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
महिलाओं से संवाद के दौरान उन्होंने प्रसव के बाद शिशु को माँ का पहला गाढ़ा पीला दूध अवश्य पिलाने और बच्चों को जंक फूड, अधिक चीनी और नमक वाले उत्पादों से दूर रखने की सलाह दी। कार्यक्रम में डॉ. स्वाति शर्मा और डॉ. श्रेया पंवार ने पोषण कैलकुलेटर के माध्यम से संतुलित आहार के महत्व पर प्रकाश डाला, जिससे बच्चों की उचित लंबाई और वजन सुनिश्चित हो सके।
संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. नागेन्द्र राय के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को पोषण संबंधित रोगों से बचाना था। स्वागत भाषण में फसल उत्पादन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनंत बहादुर ने मौसम के अनुसार उपलब्ध फल-सब्जियों के सेवन की महत्ता बताई।
इस अवसर पर संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पी.एम. सिंह, डॉ. डी.आर. भारद्वाज, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. त्रिभुवन चौबे, डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव, डॉ. गोविन्द पाल समेत कई अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरे कृष्ण ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. जगेश कुमार तिवारी ने व्यक्त किया।





