नहरों और नलकूपों की स्थिति की भी की समीक्षा, 31 जुलाई तक फसल बीमा कराने की अपील
वाराणसी। किसानों को समय से उचित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मंगलवार को मंडलीय अधिकारियों के साथ बैठक कर उर्वरकों की उपलब्धता, सिंचाई व्यवस्था, वर्षा की स्थिति और खरीफ फसलों के कवरेज की समीक्षा की।
मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि जनपदों में जहां-जहां उर्वरक समाप्त हो चुके हैं या समाप्ति की स्थिति में हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
उप आयुक्त/उप निबंधक सहकारिता सोमी सिंह ने बताया कि मंगलवार को वाराणसी में इफको की एक रैक प्राप्त हुई, जिसमें डीएपी 131 मीट्रिक टन और एनपीके 418 मीट्रिक टन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त वाराणसी के लिए 500 मीट्रिक टन तथा गाजीपुर के लिए 536 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध कराया गया है।
मंडलायुक्त ने सिंचाई एवं नलकूप विभाग के अधीक्षण अभियंताओं को निर्देशित किया कि नहरों के अंतिम छोर तक पानी की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। जो नलकूप विद्युत या यांत्रिक खराबी के कारण बंद हैं, उन्हें तीन कार्यदिवस के भीतर चालू कराने के निर्देश दिए गए।
संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि अधिसूचित क्षेत्रों में धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, उड़द आदि खरीफ फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2025 निर्धारित है। अब तक मंडल में 82,683 ऋणग्राही एवं 1380 गैर-ऋणग्राही किसानों द्वारा फसल बीमा कराया जा चुका है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे बीमा जरूर कराएं ताकि प्राकृतिक आपदा की स्थिति में क्षति पूर्ति की जा सके।
फसल क्षति की सूचना किसान बैंक शाखा, टोल फ्री नंबर 14447, या व्हाट्सएप नंबर 706551447 पर दे सकते हैं।
समीक्षा बैठक में संयुक्त कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार, उप आयुक्त/उप निबंधक सहकारिता सोमी सिंह, पीसीएफ के रीजनल मैनेजर पुष्पेंद्र कुशवाहा, सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता जी.सी. सिंह, तथा नलकूप विभाग के अधीक्षण अभियंता डी.के. आर्य उपस्थित रहे।




