गांवों से लेकर कस्बों तक जन्माष्टमी का उल्लास, नंदलाल बने नौनिहाल
रिपोर्ट एडवोकेट अभिषेक उपाध्याय
जौनपुर। स्वतंत्रता दिवस के अगले ही दिन शनिवार को पूरे जनपद में जन्माष्टमी का पर्व उल्लासपूर्वक मनाया जा रहा है। शुक्रवार की सुबह जहां आज़ादी के गीतों से फिज़ा गूंज रही थी, वहीं शनिवार को अलसुबह से ही “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की…” के भजनों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर नगर के मोहल्लों तक कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कस्बों व छोटे बाजारों में लोगों ने अपने नन्हे-मुन्ने बच्चों को बांसुरी, मोरपंख, मुकुट और पटका पहनाकर नंद गोपाल का रूप दे दिया। महिलाओं ने व्रत रखकर दिनभर पूजन की तैयारी की। खीरा, केला, सेब जैसे फलों के साथ ही माखन-मिश्री को विशेष भोग के रूप में सजाया गया।
मंदिरों और थानों में भव्य सजावट की गई है। दोपहर से ही गणमान्य लोगों का आगमन जारी है। देर रात तक भजन-कीर्तन का दौर चला। ठीक बारह बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर माखन-मिश्री का भोग अर्पित किया गया। ग्रामीण अंचलों के मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है, जहां ढोल, मजीरे और हारमोनियम की धुनों पर भजन-कीर्तन देर रात तक गूंजते रहें।




