फर्जी अभिलेखों से भूमि कब्जा मामला : आरोपी शाहबाज खान को हाईकोर्ट से राहत
प्रयागराज। फर्जी अभिलेखों के आधार पर भूमि कब्जा करने के मामले में अर्दली बाजार थाना कैंट निवासी शाहबाज खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी की एकलपीठ ने शाहबाज खान की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए 9 अप्रैल 2025 को जारी गैर-जमानती वारंट के आदेश की प्रभावीता पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार मिश्रा और वीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि विवादित आदेश तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार किए बिना पारित किया गया है। आरोप दरअसल एक सिविल विवाद से जुड़े हैं। इस मामले में पहले से ही मूल सिविल वाद संख्या 2944/2024 लंबित है। साथ ही जांच के दौरान आवेदक से किसी भौतिक साक्ष्य की मांग या सहयोग की आवश्यकता का उल्लेख नहीं किया गया है।
बचाव पक्ष ने अपने तर्क में सुप्रीम कोर्ट के राज्य सीबीआई बनाम दाऊद इब्राहिम कासकर एवं अन्य (1997) मामले का हवाला दिया। अधिवक्ताओं का कहना था कि फर्जीवाड़े के आरोपों को दीवानी विवाद के परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। गिरफ्तारी का आदेश तथ्यों और कानून के गहन विश्लेषण के बिना दिया गया है, इसलिए प्रथम दृष्टया मामले पर पुनर्विचार जररी है।




