सात्विक भोजन से मिलता है मन को सुकून : आनंद प्रभु
वाराणसी। हरहुआ स्थित स्वबोध आश्रम, कोइराजपुर में चल रहे 45वें वार्षिकोत्सव पर अवतरण संदेश देते हुए आनंद प्रभु जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जैसा भोजन करता है, वैसा ही उसका मन और विचार बनते हैं। सात्विक भोजन से मन को शांति और स्थिरता प्राप्त होती है।
उन्होंने कहा कि आज का अन्न दूषित हो गया है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है। मिलावटी भोजन और प्रकृति के साथ हो रहा अंधाधुंध छेड़छाड़ बीमारियों को जन्म दे रही है। इस स्थिति को सुधारने के लिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भक्तों और समाज के हर वर्ग को आगे आना चाहिए।
पंचदिवसीय जागरण समष्टि में उत्तर प्रदेश के साथ ही बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, नेपाल और भूटान से आए साधक व संन्यासियों ने सहभागिता की। अवतरण दिवस पर आनंद प्रभु जी ने भक्तों के साथ मिलकर बेल, आंवला और आम सहित 75 पौधे रोपे।
इस अवसर पर बाल साध्वी डॉ. सरोजिनी मां प्रकाशानंद जी महाराज समेत कई प्रमुख संत एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।




