राम वनगमन का मार्मिक मंचन, भावविह्वल हुए श्रद्धालु
वाराणसी। श्री आदि रामलीला लाट भैरव वरुणा संगम काशी के तत्वावधान में गुरुवार को प्रभु श्रीराम के वनगमन प्रसंग का मंचन हुआ। मंचन के दौरान अयोध्यावासियों की दशा का चित्रण “राम बिन अयोध्या जैसे जल बिन मछली” की उपमा से किया गया, जिसे देख श्रद्धालु भावविह्वल हो उठे।
लीला में गुरु वशिष्ठ के आशीर्वाद के बाद राम, लक्ष्मण और सीता के वनगमन का भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया। रामायण मंडली द्वारा अयोध्याकांड के दोहे-चौपाई के गायन ने वातावरण को भक्ति से सराबोर कर दिया। तमसा तट तक अयोध्यावासियों का राम के प्रति प्रेमपूर्ण अनुगमन और श्रृंगवेरपुर में निषादराज गुह से भेंट के प्रसंग ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।
समिति की ओर से व्यास दयाशंकर त्रिपाठी, सहायक व्यास पंकज त्रिपाठी, प्रधानमंत्री कन्हैयालाल यादव सहित कई पदाधिकारी और भक्तगण मौजूद रहे।




