विकसित भारत के लिए स्वस्थ भारत की नींव जरूरी : अनुप्रिया पटेल
वाराणसी : होटल ताज गैंगेज में शुक्रवार से इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी पर आधारित तीन दिवसीय 32वीं वार्षिक आईसीसीकॉन-2025 सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। इंडियन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश से एक हजार से अधिक हृदय रोग विशेषज्ञ, कार्डियक और वैस्कुलर सर्जन शामिल हुए।
मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
उद्घाटन सत्र में अनुप्रिया पटेल ने कहा कि “2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब स्वस्थ भारत की नींव मजबूत होगी।” उन्होंने बताया कि हृदय रोग और हार्ट अटैक के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार समय से इलाज और सस्ती दवाओं की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दे रही है। मेक इन इंडिया के तहत स्टेंट और जीवन रक्षक दवाओं के देश में निर्माण को बड़ी उपलब्धि बताया।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि बदलती जीवन शैली के कारण अब 20 से 50 वर्ष की उम्र में ही हृदय रोगी बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। ऐसे में कार्डियोलॉजिस्ट की भूमिका और भी अहम हो गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में आयोजित यह सम्मेलन मानव जीवन बचाने में मील का पत्थर साबित होगा।
विशेष अतिथि और जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी के पूर्व निदेशक डॉ. सी.एम. मंजूनाथ ने चिंता जताई कि भारत में हर साल करीब 30 लाख लोग हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक से मर रहे हैं, जिनमें 30 फीसदी मौतें 45 वर्ष से कम उम्र में हो रही हैं। उन्होंने वायु प्रदूषण को हार्ट अटैक का नया बड़ा खतरा बताया।
सम्मेलन में अपोलो ग्रुप के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एन.एन. खन्ना की पुस्तक ‘हैंडबुक फॉर इंटरवेंशन फॉर स्ट्रक्चरल एंड पेरीफेरल वैस्क्युलर’ और आईसीसी की वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर महापौर अशोक तिवारी, विधायक धर्मेंद्र सिंह, सुनील पटेल, वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा सहित कई गणमान्य लोग और देशभर के विशेषज्ञ मौजूद रहे।




