फर्जी बिजली बिलों से हाहाकार, पत्रकारों ने की एमडी कार्यालय में शिकायत
वाराणसी। पूर्वांचल के जिलों में फर्जी बिजली बिल उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी बन गए हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि विभागीय कर्मचारी बिलों में गड़बड़ी कर मनमानी वसूली कर रहे हैं। इसी समस्या को लेकर सोमवार को पत्रकार प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम पाठक के नेतृत्व में पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल विद्युत विभाग मुख्यालय पहुंचा। एमडी शंभू कुमार की अनुपस्थिति में मुख्य अभियंता प्रशासन अरविंद नायक और मुख्य अभियंता टेक्निकल राजेंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। पत्रकारों ने फर्जी बिल जारी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
मुख्य अभियंताओं ने शिकायतकर्ताओं को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पत्रकार प्रेस क्लब वाराणसी जिलाध्यक्ष पवन पांडे ने बताया कि उनकी मां सुशीला के नाम पर होटल का कनेक्शन है। पहले जहां बिल 40–50 हजार रुपये तक आता था, वहीं अचानक अप्रैल–मई का बिल 1.53 लाख रुपये भेजा गया। शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ और उन्हें पूरा भुगतान करना पड़ा। इसके बाद मीटर खराब हुआ तो 20.29 लाख रुपये का बिल भेज दिया गया। संशोधन के बाद भी बिल 3.22 लाख रुपये ही बना। आरोप है कि बिल कम कराने के नाम पर विभागीय बाबू ने मोटी रकम की मांग की और धमकी भी दी।
इसी तरह प्रेस क्लब के जिला सचिव जितेंद्र अग्रहरि ने बताया कि उन्होंने 2018 में बुनकरी के लिए कनेक्शन लिया था। कोरोना काल में काम बंद होने के बाद कई बार आवेदन देने के बावजूद कनेक्शन विच्छेद नहीं हुआ और उल्टे 84 हजार रुपये का बकाया थमा दिया गया।
पत्रकारों ने कहा कि विभागीय मिलीभगत से उपभोक्ताओं को परेशान करने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
शिकायत करने वालों में घनश्याम पाठक, पंकज चतुर्वेदी, आफताब आलम, डीपी त्रिपाठी, पवन पांडे, नितीश वर्मा, जितेंद्र अग्रहरि, घनश्याम सिंह यादव, कृष्णा पाठक, नवीन प्रधान, रामबाबू यादव समेत बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।




