छितौना कांड: मारपीट में घायल छोटू राजभर ने तीन माह बाद तोड़ा दम, गांव में तनाव
वाराणसी। तीन महीने पहले मारपीट में घायल हुए छोटू राजभर (45) की बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान गुरुवार की देर रात मौत हो गई। उनकी मौत से चिरईगांव क्षेत्र के छितौना गांव में तनाव का माहौल है।
बीते 5 जुलाई को निराश्रित गोवंश को लेकर गांव में विवाद हुआ था। दोनों पक्षों में हुई मारपीट में पांच लोग घायल हुए थे। इनमें गंभीर घायलों का इलाज बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा था। अधिकांश लोग स्वस्थ होकर घर लौट गए, लेकिन छोटू राजभर जिंदगी और मौत से जूझते रहे। गुरुवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
इस घटना में आरोपी भाजपा बूथ अध्यक्ष संजय सिंह भी घायल हुआ था। पुलिस ने उसे दो अक्तूबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसके दोनों बेटे पहले से ही जेल में बंद हैं।
घटना के बाद मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था। सुभासपा और करणी सेना ने शक्ति प्रदर्शन किया था। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने एसआइटी गठित कर जांच शुरू कराई थी।
छोटू राजभर की मौत की सूचना पर गांव में माहौल गर्म है। चौबेपुर पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि दाह संस्कार सराय मोहाना घाट पर होगा। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।




