दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में साध्वी शिष्या ने बताया — दीक्षा के क्षण में ही संभव है ईश्वर साक्षात्कार; भक्ति, गौ-संरक्षण और आत्मजागृति का दिया संदेश
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी) – दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के तत्वावधान में कस्बे के एक स्कूल के खेल मैदान में 5 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ।
प्रवचन के दौरान संस्थान की साध्वी शिष्या ने श्रीमद्भागवत महापुराण के गूढ़ रहस्यों को आधुनिक विज्ञान और अध्यात्म विज्ञान के समन्वय के साथ सहज एवं प्रभावी शैली में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि ईश्वर के दर्शन केवल पूर्ण सतगुरु की शरण से ही संभव हैं, जो दीक्षा के क्षण में ही प्रभु-दर्शन करा सकते हैं।
इस दिन के प्रवचन में विदुर-सुलभा संवाद, उद्धव-विदुर भेंट और श्रीकृष्ण लीला का वर्णन हुआ। उद्धव प्रसंग के माध्यम से साध्वी जी ने गौ संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि इतिहास में अंगुलिमाल, गणिका और ठग जैसे अनेक व्यक्तियों ने सतगुरु की शरण लेकर जीवन को परिवर्तित किया। यही सत्य आज सर्वश्री आशुतोष महाराज जी अपने “अंतरक्रांति प्रकल्प” के माध्यम से साकार कर रहे हैं।
महामंडलेश्वर आशुतोष महाराज जी के उद्बोधन के शब्दों में –
“अपराधियों को शांतिदूत में रूपांतरित करने की अपार संभावनाएँ हैं, आवश्यकता है तो केवल ब्रह्मज्ञान से जागरण की।”
उन्होंने बताया कि आज वही कैदी, जो कभी अपराध और अपशब्दों में लिप्त थे, अब प्रभु-भक्ति में लीन हैं और मेहंदी, धूप, हर्बल रंग आदि के निर्माण द्वारा स्वरोज़गार और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
कथा में गौ माता के महत्व पर भी विशेष प्रकाश डाला गया। साध्वी जी ने शास्त्रों और विज्ञान के आधार पर बताया कि देसी गौ हमारी अमूल्य धरोहर हैं, और उनके संरक्षण-संवर्धन के लिए सभी को प्रयासरत रहना चाहिए। इस दिशा में संस्थान का कामधेनु प्रकल्प उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम का संचालन साध्वी अनंता भारती जी ने किया। भक्ति संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियाँ साध्वी अभिनन्दना भारती, साध्वी पद्मप्रभा भारती, साध्वी अंजलि भारती एवं साध्वी आरती भारती ने दीं, जिन्हें सुशांत और अमित ने संगीत से सजाया। इन भजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक श्री आशुतोष महाराज जी की आरती से हुआ।
मुख्य यजमान के रूप में चंद्रशेखर तिवारी (मून बाबू), त्रिज्या तिवारी, संतोष बरनवाल, विनोद चतुर्वेदी एवं शारदा चतुर्वेदी ने विशिष्ट अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता नवेंदु प्रकाश उपाध्याय, अभिषेक सिंह चंचल (ब्लॉक प्रमुख चिरईगांव), प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे (काशी हिंदू विश्वविद्यालय), अपूर्व कुमार तिवारी, डॉ. अखिलेश चौबे, रिंकू यादव सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
मंच संचालन स्वामी अर्जुनानंद एवं स्वामी हरिप्रकाशानंद ने किया, जबकि आयोजन समिति की ओर से संतोष कन्नौजिया, सृजन चतुर्वेदी और शिवम ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।




