छठ महापर्व: आस्था, संस्कृति और प्रकृति के प्रति समर्पण का प्रतीक
वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय हिंदू महासभा के राष्ट्रीय सचिव संपूर्णा नंद पाण्डेय ने देशवासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति की आत्मा है। छठ महापर्व केवल पूजा-अर्चना का उत्सव नहीं, बल्कि यह आस्था, संयम, प्रकृति-प्रेम और सामाजिक एकता का सजीव उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें सूर्य देव की उपासना के माध्यम से प्रकृति के प्रति सम्मान और संरक्षण का संदेश देता है।
व्रती तनु पाण्डेय ने बताया कि इस वर्ष वे अपने नगर से दूर रहते हुए भी श्रद्धा और परंपरा के अनुरूप छठ पूजा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि छठ न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मकता, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना का अवसर भी है। तनु ने कहा— “मुझे सौभाग्य प्राप्त है कि परिवार के सहयोग से इस व्रत को पूर्ण करने का अवसर मिला। छठ पर्व हमें ढलते सूर्य से संतोष और उगते सूर्य से नई दिशा पाने की प्रेरणा देता है।”
छठ पूजा स्थल पर संपूर्णा नंद पाण्डेय, अमृतपाल सिंह, बबलीन कौर, जसविंदर कौर, सरजीत सिंह, परी शर्मा, कोमल ढीलो, प्रियंका शर्मा, निधि सिंह, सिमरन, रूपिंदर ढीलो समेत अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित कर लोकआस्था के इस महापर्व को उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया।




