न्यायालय के आदेश के 24 दिन बाद दर्ज हुआ मुकदमा, चौबेपुर पुलिस पर लापरवाही के आरोप
चौबेपुर (वाराणसी): ढाँखा गांव में हुई चोरी की घटना के तीन माह बाद और न्यायालय के आदेश के 24 दिन पश्चात आखिरकार चौबेपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
जानकारी के अनुसार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्पित पंवार ने 8 अक्टूबर को थाना चौबेपुर के थानाध्यक्ष को निर्देश दिया था कि अभियुक्तगण विनय कुमार पांडेय व विनीत कुमार पांडेय, पुत्रगण रविन्द्र कुमार पांडेय, के खिलाफ भारत न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
हालांकि, आदेश जारी होने के बावजूद पुलिस द्वारा कार्रवाई में टालमटोल की गई और 1 नवम्बर को जाकर प्राथमिकी दर्ज की गई। इस मामले की विवेचना की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक जितेंद्र सिंह को सौंपी गई है।
शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार पांडेय, निवासी ग्राम ढाँखा, ने बताया कि उन्होंने न्यायालय में शिकायत दी थी कि 29 जुलाई 2025 को उनके परिसर में लगे CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों से चोरी की घटना स्पष्ट होने के बावजूद कैथी चौकी प्रभारी ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की।
पुलिस की इस लापरवाही से नाराज शिकायतकर्ता को अंततः न्यायालय की अवमानना का आवेदन देने के लिए बाध्य होना पड़ा। न्यायालय ने सुनवाई के बाद 8 अक्टूबर को आदेश पारित किया था, जिसके बाद जाकर अब कार्रवाई प्रारंभ हुई है।
ग्रामीणों ने पुलिस की इस देरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद भी मुकदमा दर्ज करने में 24 दिन की देरी, पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता को दर्शाती है।




