नीदरलैंड से आया प्रवासी भारतीय परिवार चौबेपुर क्षेत्र में भटकता रहा
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। अपने पूर्वजों की जड़ों तक पहुंचने की उम्मीद लेकर नीदरलैंड (हालैंड) से आया एक प्रवासी भारतीय परिवार बीते कई दिनों से वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में गांव-गांव भटक रहा है। ऐतिहासिक अभिलेखों के आधार पर परिवार अपने पुरखों के मूल गांव की पहचान करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अब तक उन्हें ठोस सफलता नहीं मिल सकी है।
हालैंड निवासी वेदप्रकाश विजय ने बताया कि उनके दादा स्वर्गीय दुक्खी वर्ष 1909 में कलकत्ता से सूरीनाम गए थे। पुराने अभिलेखों में उनका पता “बनारस, थाना चौबेपुर, ग्राम बाबड़पुर” दर्ज है। इसी आधार पर वे पत्नी चंद्रावती और बेटियों शिवानी व पूजा के साथ चौबेपुर पहुंचे और बाबतपुर, चोलापुर तथा एयरपोर्ट क्षेत्र से जुड़े गांवों में खोजबीन शुरू की।
मंगलवार को परिवार ने बहरामपुर, छितमपुर और बाबतपुर नियार सहित कई गांवों में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर जानकारी जुटाई। कुछ बुजुर्गों ने पारिवारिक संबंध की संभावना जताई, लेकिन अभी तक अभिलेखीय पुष्टि नहीं हो सकी। परिवार का मानना है कि समय के साथ “बाबड़पुर” गांव का नाम बदल गया हो सकता है।
खोज के दौरान भावुक क्षण तब आया, जब शिक्षिका पूजा ने प्रवासी भारतीयों के संघर्ष पर आधारित गीत प्रस्तुत किया। परिवार ने बताया कि वे बुधवार को जिलाधिकारी और मंडलायुक्त से मिलकर सहयोग की मांग करेंगे। पूर्वजों की पहचान होने तक उनकी तलाश जारी रहेगी।




