कोडिन कांड पर मुख्यमंत्री के बयान को बताया पीड़ित परिवार की पीड़ा से आंख मूंदने जैसा
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी)। क्षेत्र के बर्थरा कला गांव में बुधवार को चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह ने दिवंगत अधिवक्ता राजा आनंद ज्योति सिंह के आवास पर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। सांसद ने स्व. राजा आनंद ज्योति सिंह की पत्नी भारती सिंह, उनके तीनों मासूम बच्चों तथा माता-पिता को ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस दौरान सांसद वीरेंद्र सिंह ने कोडिन कांड को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में दिए गए बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सदन में यह कहना कि इस प्रकरण में किसी की मृत्यु नहीं हुई, न केवल पीड़ित परिवार की पीड़ा को नकारने जैसा है, बल्कि सच्चाई से आंख मूंदने के समान है। यह बयान उस परिवार के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है, जिसने अपने बेटे और पति को खो दिया।
सांसद ने कहा कि राजा आनंद ज्योति सिंह एक ईमानदार, निर्भीक और कर्तव्यनिष्ठ अधिवक्ता थे। उन्होंने अवैध रूप से ट्रकों के जरिए की जा रही कोडिन युक्त कफ सिरप की तस्करी को पकड़वाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसी के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। सांसद ने आशंका जताई कि यह घटना एक पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती है।
उन्होंने कहा कि मामले में माफिया तत्वों की संलिप्तता की बातें जांच एजेंसियों के माध्यम से भी सामने आई हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के बयान से निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीड़ित परिवार, विशेषकर तीन मासूम बच्चों को न्याय दिलाना केवल सरकार नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने मांग की कि इस मामले की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों को उनके पद, प्रभाव और रसूख से ऊपर उठकर कठोरतम सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी माफिया या अपराधी कानून को चुनौती देने का साहस न कर सके। इस अवसर पर सुभाष सिंह, डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, सुनील यादव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।




