शासन नामित टास्क फोर्स ने बिक्री केंद्रों का किया निरीक्षण, व्यवस्था चुस्त रखने के निर्देश
वाराणसी। जनपद में निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने को लेकर शासन स्तर से नामित टास्क फोर्स के अधिकारियों ने विभिन्न बिक्री केंद्रों पर पहुंचकर विक्रय व्यवस्था की जांच की। अधिकारियों ने उर्वरक लेने आए किसानों से बातचीत कर बिक्री प्रक्रिया, दर और भुगतान को लेकर फीडबैक लिया तथा केंद्र प्रभारियों को व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ रखने के निर्देश दिए।
शासन नामित टास्क फोर्स अधिकारी एवं अपर कृषि निदेशक (भूमि संरक्षण) डॉ. आर.के. मौर्य ने जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह के साथ साधन सहकारी समिति आयर का निरीक्षण किया। इस दौरान समिति सचिव दुर्गा मिश्र से उर्वरक बिक्री से संबंधित अभिलेख मंगाकर जांच की गई। समिति से किसान शिवम यादव, सुरेश यादव और संजय पटेल ने यूरिया क्रय किया था, जबकि किसान लालजी और शनि उर्वरक लेकर जा रहे थे।
डॉ. मौर्य ने किसानों से यूरिया की निर्धारित दर और भुगतान की जानकारी ली तथा बिक्री व्यवस्था पर उनकी राय जानी। उन्होंने किसानों को बताया कि यूरिया की वास्तविक कीमत प्रति बोरी दो हजार रुपये से अधिक है, लेकिन सरकारी सब्सिडी के कारण किसानों को यह 266.50 रुपये प्रति बोरी की दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने सलाह दी कि आवश्यकता अनुसार ही यूरिया का क्रय करें और पॉस मशीन पर अंगूठा लगाकर ही खरीद करें, क्योंकि आवश्यकता से अधिक यूरिया का प्रयोग फसल और भूमि—दोनों के लिए नुकसानदायक होता है।
जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह ने बताया कि जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसानों को जरूरत के अनुसार उर्वरक मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचता है या पॉस मशीन के बिना अवैध बिक्री करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।




