युवाओं को अध्यात्म और विज्ञान से जोड़ने का आह्वान, राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका पर जोर
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
वाराणसी। परमानंदपुर में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की युवा परिवार सेवा समिति द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर ‘रीयल हीरोज—सच्ची युवा शक्ति और वीरता’ महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे एवं स्वामी हरि प्रकाशानंद जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने कहा कि विज्ञान का हर मार्ग आध्यात्म से होकर गुजरता है। आज विश्व में हो रहे अनेक शोध आध्यात्मिक ग्रंथों और प्राचीन भारतीय ज्ञान की देन हैं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति के मस्तिष्क में लगभग 86 अरब न्यूरॉन्स होते हैं, जिनकी अपार संभावनाओं को जाग्रत करने की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत पुनः विश्व गुरु बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया युवा भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। युवाओं को अध्यात्म और विज्ञान—दोनों के समन्वय से आगे बढ़ना चाहिए, जिससे वे भटकाव से दूर रहकर सार्थक ज्ञान अर्जित कर सकें।
वहीं स्वामी हरि प्रकाशानंद जी ने कहा कि आध्यात्म वह ज्ञान है, जो व्यक्ति के भीतर छिपे अंधकार को भी दूर कर देता है। सद्गुरु द्वारा बताए गए मार्ग पर चलकर ही भारत को विश्व गुरु बनाया जा सकता है। यह तभी संभव है, जब युवा संगठित होकर राष्ट्र निर्माण के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करें।
कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा परिवार सेवा समिति के वाराणसी जोन अध्यक्ष सृजन चतुर्वेदी ‘शिवम्’ एवं उनकी पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम का संचालन शिवम् दूबे और दुष्यंत तिवारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संतोष कन्नौजिया ‘सोनू’ द्वारा किया गया।
इस अवसर पर राकेश वर्धन, अजय यादव, सत्येंद्र प्रकाश उपाध्याय, शारदा चतुर्वेदी, प्रवीण चौबे, आर.बी. प्रसाद, शुभम सिंह, विनोद सिंह, राजेंद्र सिंह, अभिषेक, नरेंद्र प्रसाद, अरविंद कुमार सिंह, श्याम बिहारी राय, जयेन्द्र कुमार, अखिलेश सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।




