तीन माह में सौ से अधिक बकरियों की मौत, इलाज के बावजूद नहीं थम रहा सिलसिला
चिरईगांव (वाराणसी)। चिरईगांव क्षेत्र के उमरहां गांव में आजीविका के रूप में व्यवसायिक स्तर पर बकरी पालन कर रहे बकरी पालक रोशन लाल इन दिनों बकरियों में फैल रही एक रहस्यमयी बीमारी से बेहद परेशान हैं। बीते तीन माह के भीतर सौ से अधिक बकरियों की मौत हो चुकी है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
बकरी पालक का कहना है कि कोरोना काल के बाद उन्होंने बकरी पालन को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया था। एक समय उनके पास लगभग 250 बकरा-बकरी थीं, लेकिन नवंबर 2025 से अब तक लगातार बीमारी के चलते सौ से अधिक बकरियों की मौत हो चुकी है। पशुचिकित्सकों से संपर्क करने पर कृमिनाशक दवा तथा पीपीआर रोधी टीके भी दिए गए, बावजूद इसके बकरियों के मरने का सिलसिला नहीं रुका।
रोशन लाल ने बताया कि पशुचिकित्सक द्वारा प्रभावित बकरियों को बरकछा एवं मिर्जापुर ले जाकर दिखाने की सलाह दी गई है, लेकिन बार-बार होने वाली मौतों से वे मानसिक और आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। उन्होंने प्रशासन और पशुपालन विभाग से गांव में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराने तथा बीमारी का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि बची हुई बकरियों को बचाया जा सके।





