‘पंच परिवर्तन’ से ही बनेगा भविष्य का भारत : वक्ता
वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज में आईसीएसएसआर प्रायोजित ‘पंच परिवर्तन और भविष्य का भारत’ विषयक दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का मंगलवार को समापन हुआ।
समापन सत्र की अध्यक्षता करते हुए झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जयप्रकाश लाल ने कहा कि भारत के गौरवशाली इतिहास को जानने से ही युवा देश को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि संघ के पंच परिवर्तन की सफलता जनभागीदारी से ही संभव है।
मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के काशी प्रांत प्रचारक रमेश कुमार ने कहा कि भारत के पतन का कारण आंतरिक विभेद रहा है और सामाजिक समरसता से ही देश का भाग्य बदलेगा।
विशिष्ट वक्ता इग्नू के पूर्व कुलपति नागेश्वर राव ने कहा कि 2047 के विकसित भारत के केंद्र में गरीब, किसान, महिला और युवा होंगे।
अन्य वक्ताओं ने नागरिक कर्तव्य, सामाजिक जागरण और पंच परिवर्तन को भारत को महाशक्ति बनाने का आधार बताया। कार्यक्रम में अतिथियों का सम्मान किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन संयोजक डॉ. शान्तनु सौरभ ने किया।





