75 से अधिक भवनों की रजिस्ट्री, खाली कराने का अल्टीमेटम, विरोध पर मुकदमे
वाराणसी। दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण की जद में आए भवनों और दुकानों के ध्वस्तीकरण को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। भवन व दुकान स्वामियों से संबंधित दस्तावेजों की रजिस्ट्री कराने के लिए कई विभागों के अधिकारियों की टीम लगाई गई है। जिन भवनों पर बकाया है या बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण हुआ है, उन पर भी शिकंजा कसते हुए रजिस्ट्री कराने की रणनीति बनाई गई है।
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि अब तक 75 से अधिक भवनों की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है। रजिस्ट्री कराने वाले भवन स्वामी मुआवजा लेने के बाद दुकानें व मकान खाली करने की तैयारी में हैं। अन्य प्रभावित लोग भी कैंप कार्यालय पहुंचकर मुआवजे की जानकारी ले रहे हैं।
बुधवार को अधिकारियों की टीम ने दालमंडी पहुंचकर मुनादी कराई और चौड़ीकरण की जद में आए भवनों व दुकानों को खाली करने का अल्टीमेटम दिया। विरोध के बाद दर्ज मुकदमों के चलते अब क्षेत्र में खुलकर विरोध करने से लोग बच रहे हैं।
प्रशासन की ओर से प्रभावित दुकानदारों को लोहता और मोहनसराय में विस्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है, लेकिन व्यापारी दालमंडी के आसपास ही विस्थापन की मांग पर अड़े हैं। दुकानदारों का कहना है कि पहले पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए, उसके बाद ही ध्वस्तीकरण हो।
गौरतलब है कि ध्वस्तीकरण में बाधा डालने और सरकारी कार्य में खलल डालने के मामले में वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की ओर से चौक थाने में तहरीर दी गई थी। जोनल अधिकारी सौरभ देव प्रजापति की शिकायत पर दो नामजद और 25–30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, जिसके बाद नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।




