काशी विद्यापीठ में तीसरे दिन शोध प्रक्रिया व अकादमिक लेखन पर चर्चा
वाराणसी। भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित दस दिवसीय शोध पद्धति पाठ्यक्रम का आयोजन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामना मदनमोहन मालवीय हिंदी पत्रकारिता संस्थान में किया जा रहा है। ‘सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी शोधार्थियों के लिए शोध पद्धति और अकादमिक लेखन’ विषयक इस पाठ्यक्रम के तीसरे दिन बुधवार को शोध प्रक्रिया, शोध गैप, शोध प्रस्ताव लेखन, साहित्य सर्वेक्षण, शोध अभिकल्प व निदर्शन जैसे विषयों पर व्याख्यान हुए।
डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित प्रथम सत्र में हिंदी विभाग के प्रो. अनुराग कुमार ने कहा कि वैज्ञानिक चेतना ही शोध का प्रस्थान बिंदु है और शोधकर्ता को पूर्वाग्रहों से मुक्त होकर अज्ञात स्रोतों की ओर बढ़ना चाहिए। दूसरे सत्र में अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. राकेश तिवारी ने शोध प्रस्ताव को शोध की आधारशिला बताते हुए उसकी संरचना व चुनौतियों पर प्रकाश डाला। तीसरे सत्र में यूपी कॉलेज के डॉ. अनुराग उपाध्याय ने ‘रिसर्च डिजाइन एंड टूल्स’ पर व्याख्यान दिया। अंतिम सत्र में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के डॉ. मिथिलेश तिवारी ने साहित्य समीक्षा के महत्व पर चर्चा की।




