रामेश्वर में पीस कमेटी बैठक, सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर
जंसा (वाराणसी)। काशी क्षेत्र के सुप्रसिद्ध महाशिवरात्रि मेला को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पुलिस चौकी रामेश्वर परिसर में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, मंदिर पुजारियों और ग्रामीणों के साथ पीस कमेटी की बैठक आयोजित कर व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक में एसडीएम शांतनु कुमार, नायब तहसीलदार दीपाली मौर्य, सहायक पुलिस आयुक्त अजय कुमार श्रीवास्तव, बीडीओ सेवापुरी राजेश कुमार सिंह तथा संबंधित थानों के प्रभारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने रामेश्वर महादेव मंदिर, घाट, बाजार और पूरे मेला क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। एसडीएम ने निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से एक दिन पहले देर रात से बड़े वाहनों का आवागमन बंद रखा जाए तथा दोपहिया वाहनों का मेला क्षेत्र में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहे।
जिला पंचायत को पुल पर मजबूत बैरिकेडिंग, नदी में रस्सी व ट्यूब की व्यवस्था और समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। सेवापुरी ब्लॉक के सफाई कर्मियों को विशेष सफाई अभियान चलाने तथा मंदिर परिसर में अलग से सफाईकर्मी तैनात करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने मेला क्षेत्र में पेयजल, प्रकाश और स्वास्थ्य सेवाओं की सुदृढ़ व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ एम्बुलेंस की तैनाती के निर्देश दिए। मंदिर के गर्भगृह में पुरुष व महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने और ध्वनि विस्तारक यंत्रों से लगातार सूचनाएं प्रसारित करने पर बल दिया गया।
मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे तथा रामेश्वर में अस्थायी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। अधिकारियों ने पुलिस और विभागीय कर्मचारियों को शिवभक्तों की सेवा भावना से कार्य करने का निर्देश दिया।
समीक्षा बैठक में एसएचओ जंसा अनिल कुमार शर्मा, एसएचओ बड़ागांव, चौकी प्रभारी रामेश्वर आदित्य सेन सिंह, गोमती जोन के पुलिस अधिकारी, मंदिर पुजारी अनूप तिवारी, ग्राम विकास अधिकारी श्याम नारायण, ग्राम प्रधान जगापट्टी घनश्याम सिंह यादव, प्रधान प्रतिनिधि डॉ. रामप्रसाद, डॉ. आर.के. सिंह, सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी रवि शंकर पाण्डेय, पूर्व प्रधान रामगोपाल चौरसिया, राजस्व निरीक्षक ओमप्रकाश दुबे सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।प्रशासन ने स्पष्ट किया कि मेले के दौरान कानून-व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।



