मुद्दों पर खुलकर बोल रही जनता, विकास कार्यों पर मांगा जा रहा स्पष्ट रोडमैप
रिपोर्ट अभिषेक उपाध्याय
बरसठी (जौनपुर)। आगामी चुनाव की दस्तक के साथ ही क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गांव-गांव चौपाल सजने लगी हैं और संभावित प्रत्याशी जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं, जबकि मतदाता भी इस बार मुद्दों को लेकर पहले से अधिक मुखर नजर आ रहे हैं।
क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल, आवास, बिजली और रोजगार प्रमुख चुनावी मुद्दे बनकर उभर रहे हैं। पिछले कार्यकाल के अधूरे कार्यों को लेकर ग्रामीणों में असंतोष है और लोग केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्ययोजना की मांग कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जागरूकता बढ़ने से अब हर घोषणा और खर्च का हिसाब पूछा जाएगा।
जनता की ओर से प्रत्याशियों के साथ सीधे संवाद की मांग भी बढ़ी है। कई गांवों में खुली बैठक, जनसुनवाई और लिखित संकल्प पत्र जारी करने की अपेक्षा जताई जा रही है। युवाओं ने शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य पर स्पष्ट नीति बताने की शर्त रखी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार चुनाव में वही प्रत्याशी आगे रहेंगे जो संपर्क को वास्तविक समन्वय में बदल सकेंगे। युवाओं और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी ने चुनाव को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है।
स्पष्ट है कि बरसठी का मतदाता अब केवल नारों से संतुष्ट नहीं होगा, बल्कि पारदर्शिता और भरोसे के आधार पर ही अपना निर्णय देगा।






