शाम 4:30 बजे बंद होंगे कपाट, 7:15 बजे बाद पुनः होंगे दर्शन
वाराणसी । विक्रम संवत 2082 के फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा, मंगलवार 3 मार्च 2026 को काशी में ग्रस्तोदित चंद्र ग्रहण घटित होगा। धर्मशास्त्रों में वर्णित सूतक काल के अनुसार ग्रहण से नौ घंटे पूर्व धार्मिक मर्यादाएं प्रभावी मानी जाती हैं, जिसके चलते श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने मंदिर दर्शन की समय-सारिणी में परिवर्तन किया है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार परंपरा के तहत ग्रहण प्रारंभ होने से डेढ़ घंटे पूर्व मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। निर्धारित समय के अनुसार 3 मार्च को चंद्रोदय सायं 5:59 बजे तथा ग्रहण मोक्ष सायं 6:47 बजे होगा। इसी के मद्देनज़र बाबा विश्वनाथ धाम के कपाट अपराह्न 4:30 बजे बंद कर दिए जाएंगे।
ग्रहण समाप्ति के पश्चात शास्त्रोक्त विधि से उग्रह (मोक्ष) पूजन संपन्न कराया जाएगा। इसके बाद मंदिर परिसर का शुद्धिकरण और अन्य आवश्यक धार्मिक विधि-विधान पूरे किए जाएंगे। सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के उपरांत सायं 7:15 बजे के बाद मंदिर का कपाट पुनः श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिया जाएगा।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित समय-सारिणी को ध्यान में रखकर अपने दर्शन की योजना बनाएं तथा मंदिर परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखने में सहयोग करें।




