पहले दिन वैदिक विधि से पूजन, 8 मार्च को विशाल भंडारे का आयोजन
रिपोर्ट विरेंद्र प्रताप उपाध्याय
चौबेपुर (वाराणसी) : चौबेपुर क्षेत्र के सोनबरसा गांव स्थित लगभग 500 वर्ष प्राचीन केदारेश्वर महादेव मंदिर के जीर्णोद्धार एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ धार्मिक विधि-विधान के साथ किया गया। तीन दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के प्रथम दिवस प्रायश्चित, पंचांग पूजन, मंडप प्रवेश एवं मंडप पूजन का कार्यक्रम आचार्य संतोष मिश्रा के निर्देशन में कई वैदिक ब्राह्मणों द्वारा संपन्न कराया गया।
इसी क्रम में श्री शिव कथा का दिव्य एवं मंगलमय शुभारंभ श्री श्री 1008 परम पूज्य सिद्ध बाबा नरसिंह दास जी महाराज के पावन सानिध्य में भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं महिलाएं शामिल हुईं। पूरे गांव का वातावरण हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
कथा के प्रथम दिवस पूज्य महाराज श्री ने शिवभक्ति, शिवलिंग की उत्पत्ति तथा शिव तत्व से संबंधित अनेक प्रेरणादायक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि शिवलिंग ब्रह्मांडीय चेतना का प्रतीक है और सच्ची शिवभक्ति से मानव जीवन में धर्म, शांति, सद्भाव एवं मोक्ष की प्राप्ति होती है।
वहीं विश्व विराट विजय राघव मंदिर के पूज्य महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी महावीर दास जी ने कथा के दौरान बेलपत्र एवं शिव प्रसाद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। श्रद्धा पूर्वक अर्पित किया गया बेलपत्र भक्तों के समस्त पापों का नाश करता है और शिव प्रसाद का सेवन जीवन में शांति, सकारात्मकता और शिव कृपा प्रदान करता है।
आयोजन समिति के अनुसार श्री शिव कथा आगामी तीन दिनों तक प्रतिदिन सायं 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित की जाएगी, जिसमें श्रद्धालु शिव कथा के विभिन्न आध्यात्मिक एवं कल्याणकारी प्रसंगों का श्रवण करेंगे।
इसके साथ ही रविवार 8 मार्च को दोपहर 1 बजे से विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया है।
इस आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में अवधेश शुक्ला, बच्चन शुक्ला, विवेक शुक्ला, मोनू शुक्ला, अरुण शुक्ला, महादेव शुक्ला, आशुतोष शुक्ला, पवन चौबे, प्रवीण पाठक सहित गांव एवं क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।





