सौहार्दपूर्ण वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने किया निपटान करार, आपसी सहमति से अलग रहने और मुकदमे समाप्त करने पर बनी सहमति
रिपोर्ट विवेक राय
वाराणसी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वाराणसी में मध्यस्थता प्रक्रिया के माध्यम से एक पारिवारिक विवाद का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में हुई मध्यस्थता के दौरान पति-पत्नी के बीच आपसी मतभेद समाप्त कर सुलह करार कराया गया।
जानकारी के अनुसार, प्रकरण में प्रियंका कुमारी एवं उनके पति मनीष कुमार के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। मामला पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी के समक्ष प्री-लिटिगेशन के रूप में प्रस्तुत किया गया था, जिसके बाद इसे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को मध्यस्थता के लिए भेजा गया।
निर्दिष्ट मध्यस्थ धीरेंद्र शर्मा की देखरेख में दोनों पक्षों के बीच कई चरणों में वार्ता हुई। लगातार हुई बैठकों के बाद दोनों पक्षों ने स्वेच्छा एवं स्वतंत्र इच्छा से विवाद समाप्त करने पर सहमति जताई और लिखित निपटान करार पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के अनुसार, दोनों पक्ष आपसी सहमति से अलग-अलग रहेंगे। द्वितीय पक्ष द्वारा प्रथम पक्ष को ₹50,000 एकमुश्त भरण-पोषण राशि दी जाएगी। इसमें ₹25,000 आपसी सहमति से तलाक की याचिका (धारा 13-बी) दाखिल होने पर तथा शेष ₹25,000 न्यायालय में अंतिम बयान के समय अदा किए जाएंगे।
समझौते में यह भी उल्लेख किया गया कि दंपति की कोई संतान नहीं है। दोनों पक्ष एक सप्ताह के भीतर धारा 13-बी के अंतर्गत संयुक्त याचिका दाखिल करेंगे तथा एक-दूसरे के विरुद्ध लंबित अन्य मुकदमों को भी आपसी सहमति से समाप्त कराएंगे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि मध्यस्थता की प्रक्रिया के माध्यम से पारिवारिक विवादों का शांतिपूर्ण समाधान न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द को भी बढ़ावा देता है।




